सरकारी योजनाएँ

75 रिजेक्शन, लेकिन हौसले बुलंद: टेक्सटाइल कचरे से करोड़ों का कारोबार खड़ा करने वाले दो युवा

विज्ञापन
GlobeWire Daily पर विज्ञापन दें

· GlobeWire Daily Public Services Desk · Source: navbharattimes.indiatimes.com

2 मिनट में पढ़ें

मुख्य बातेंअहमदाबाद के लक्ष्य शर्मा और दीप संघानी ने टेक्सटाइल वेस्ट (कपड़ों के कचरे) का उपयोग करके एक सफल स्टार्टअप 'री-वर्स' (Re-Verse) की नींव रखी है। भारत में सालाना लाखों टन कपड़ों का कचरा लैंडफिल में जाता है, जिसे ये युवा एक उपयोगी उत्पाद में बदल रहे हैं। शुरुआती दौर में उन्हें भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जहाँ 75 निवेशकों ने यह कहकर उनके आइडिया को खारिज…
Success Story: 75 रिजेक्शन, लेकिन अपने आइडिया पर बनाए रखा विश्‍वास, अब सालाना 4.5 करोड़ रुपये की कमाई

चित्र: Navbharat Times · चित्र स्रोत · Resized and letterboxed to 16:9; no AI generation

कचरे से कंचन बनाने का सफर

अहमदाबाद के लक्ष्य शर्मा और दीप संघानी ने टेक्सटाइल वेस्ट (कपड़ों के कचरे) का उपयोग करके एक सफल स्टार्टअप 'री-वर्स' (Re-Verse) की नींव रखी है। भारत में सालाना लाखों टन कपड़ों का कचरा लैंडफिल में जाता है, जिसे ये युवा एक उपयोगी उत्पाद में बदल रहे हैं। शुरुआती दौर में उन्हें भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जहाँ 75 निवेशकों ने यह कहकर उनके आइडिया को खारिज कर दिया था कि यह उत्पाद लकड़ी या प्लाईवुड की मजबूती नहीं दे पाएगा।

'वेनिक्स' और तकनीकी नवाचार

इन संस्थापकों ने अहमदाबाद के पीराणा औद्योगिक क्षेत्र में 60,000 वर्ग फीट की फैसिलिटी स्थापित की है। ताइवानी कंपनी WYNIST के सहयोग से, वे 'वेनिक्स' (Weinix) ब्रांड के तहत कंपोजिट बोर्ड तैयार करते हैं। इसकी विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • 70% टेक्सटाइल वेस्ट और 30% बायो-बाइंडर्स का मिश्रण।
  • 8x4 फीट के बोर्ड जो वॉटरप्रूफ, अग्निरोधी और दीमक-रोधी हैं।
  • प्लाईवुड, एमडीएफ और मार्बल का एक इको-फ्रेंडली विकल्प।

व्यापारिक प्रगति और भविष्य की योजनाएं

9.5 करोड़ रुपये का सीड फंडिंग राउंड पूरा करने के बाद कंपनी का मूल्यांकन 100 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वर्तमान में, कंपनी की देशभर में 30 B2B डिस्ट्रीब्यूटर्स के साथ साझेदारी है। कंपनी का दावा है कि उनके उत्पाद सालाना 10 लाख से अधिक पेड़ों को कटने से बचाने में मदद कर रहे हैं।

अभी यह कंपनी जर्मनी जैसे बाजारों में निर्यात कर रही है और आने वाले समय में उत्तरी अमेरिका और मिडिल ईस्ट में विस्तार की योजना है। अगले 1-2 वर्षों में कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता को 10 गुना बढ़ाकर मासिक 10 लाख वर्ग फीट करने का लक्ष्य रख रही है। कंपनी का दीर्घकालिक उद्देश्य अगले पांच वर्षों में अपना आईपीओ लाना है।

*सत्यापन: इस स्टार्टअप की आधिकारिक वेबसाइट या निवेश संबंधी सार्वजनिक दस्तावेजों के माध्यम से इन जानकारियों की पुष्टि की जा सकती है।*

यह खबर शेयर करें
मूल स्रोत पढ़ें: Success Story: 75 रिजेक्शन, लेकिन अपने आइडिया पर बनाए रखा विश्‍वास, अब सालाना 4.5 करोड़ रुपये की कमाई - Navbharat Times

AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

लेखक के बारे में

GlobeWire Daily Public Services Desk — प्रकाशित स्रोतों पर आधारित AI-सहायता प्राप्त खबरें।

और पढ़ें