स्वास्थ्य और विज्ञान

डेटा सेंटर्स का वैश्विक विस्तार और एआई बूम: पर्यावरण और ऊर्जा संकट पर नई बहस

· GlobeWire Daily Science Desk · Source: www.wired.com

डेटा सेंटर्स का वैश्विक विस्तार और एआई बूम: पर्यावरण और ऊर्जा संकट पर नई बहस — featured illustration or credited source image

चित्र: Molly Taft — Creative Commons

यह खबर शेयर करें
मुख्य बातें डेटा सेंटर्स का बढ़ता प्रभाव और वैश्विक विरोध हाल के वर्षों में तकनीकी क्षेत्र में डेटा सेंटर्स का विस्तार तेज़ी से हुआ है, जिससे दुनिया भर के कई देशों में ऊर्जा ग्रिड और पर्यावरण पर भारी दबाव पड़ रहा है। पेरिस मार्क्स की नई किताब 'हाइपरस्केल: द एंबिशन एंड एक्सेस ऑफ ब

डेटा सेंटर्स का बढ़ता प्रभाव और वैश्विक विरोध

हाल के वर्षों में तकनीकी क्षेत्र में डेटा सेंटर्स का विस्तार तेज़ी से हुआ है, जिससे दुनिया भर के कई देशों में ऊर्जा ग्रिड और पर्यावरण पर भारी दबाव पड़ रहा है। पेरिस मार्क्स की नई किताब 'हाइपरस्केल: द एंबिशन एंड एक्सेस ऑफ बिग टेक डेटा एम्पायर्स' में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि कैसे आयरलैंड, नीदरलैंड और सिंगापुर जैसे देशों में डेटा सेंटर्स के खिलाफ चिंताएं और विरोध प्रदर्शन सालों पहले शुरू हो चुके थे।

अमेरिका में हालिया राजनीतिक चर्चाओं और चुनावों के दौरान डेटा सेंटर्स एक बड़ा मुद्दा बन गए हैं, लेकिन जानकारों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर इसका एक लंबा इतिहास रहा है। आयरलैंड के डबलिन में साल 2021 में ग्रिड की क्षमता कम होने के कारण डेटा सेंटर्स पर रोक लगाई गई थी। इसके बावजूद, कंपनियों ने अन्य क्षेत्रों में निर्माण जारी रखा और यहां तक कि गैस आधारित बिजली संयंत्रों के उपयोग पर भी विचार किया गया।

ऊर्जा की खपत और पर्यावरणीय चिंताएं

डेटा सेंटर्स को चलाने के लिए भारी मात्रा में बिजली और पानी की आवश्यकता होती है। ऑरेगॉन के द डेल्स में गूगल द्वारा पानी के उपयोग के आंकड़ों को छिपाने की कोशिश का मामला सामने आने के बाद स्थानीय समुदायों में असंतोष बढ़ा। रिपोर्ट के अनुसार, जेनेरेटिव एआई (Generative AI) के आने के बाद से इन डेटा सेंटर्स की मांग में अत्यधिक वृद्धि हुई है, जिससे स्थानीय ऊर्जा ग्रिड और जलवायु लक्ष्यों पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।

एआई बबल और बुनियादी ढांचे का भविष्य

विशेषज्ञ इस बात पर भी सवाल उठा रहे हैं कि यदि वर्तमान एआई बूम या बबल में गिरावट आती है, तो इस विशाल बुनियादी ढांचे (जैसे गैस संयंत्र और डेटा सेंटर) का क्या होगा। डॉट-कॉम युग के दौरान फाइबर और डेटा सेंटर्स के अत्यधिक विस्तार का इतिहास यह दर्शाता है कि मांग में कमी आने पर कंपनियों को वित्तीय संकट का सामना करना पड़ सकता है।

व्यावहारिक निहितार्थ और आगे की राह

  • पुष्टि किए गए तथ्य: नीदरलैंड और सिंगापुर में 2019 से डेटा सेंटर्स को लेकर मोरटोरियम (रोक) लगाए गए थे। डबलिन ने 2021 में ग्रिड की क्षमता सीमाओं के कारण डेटा सेंटर प्रतिबंध लागू किए।
  • अनिश्चितताएं: यदि एआई की मांग भविष्य में कम होती है या हार्डवेयर (जैसे चिप्स और टर्बाइन) की आपूर्ति प्रभावित होती है, तो इन विशाल संरचनाओं और निजी गैस संयंत्रों का दीर्घकालिक उपयोग क्या होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
  • पाठक कैसे सत्यापित करें: पाठक मूल जानकारी और विस्तृत रिपोर्ट के लिए [वायर्ड (Wired)](https://www.wired.com/story/what-the-us-anti-data-center-movement-can-learn-from-everywhere-else/) की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।
मूल स्रोत पढ़ें: What the US Movement Against Data Centers Can Learn From Everywhere Else

AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

लेखक के बारे में

GlobeWire Daily Science Desk — प्रकाशित स्रोतों पर आधारित AI-सहायता प्राप्त खबरें।

और पढ़ें