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डिजिटल धोखाधड़ी मामलों के बीच सुप्रीम कोर्ट का कहना, बैंक पीड़ितों को दें मुआवजा

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· GlobeWire Daily World Desk · Source: timesofindia.indiatimes.com

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मुख्य बातेंभारत के सर्वोच्च न्यायालय ने डिजिटल अरेस्ट से जुड़े मामलों में हो रही वृद्धि पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। एक स्वतः संज्ञान मामले की सुनवाई के दौरान, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ ने इस बात पर हैरानी जताई कि लगातार जन जागरूकता अभियानों और अदालती आदेशों के बावजूद शिक्षित लोग भी मोबाइल फोन पर कथित…
'What is wrong with victims': CJI on digital arrest cases; calls for compensation from banks

चित्र: The Times of India · चित्र स्रोत · Resized and letterboxed to 16:9; no AI generation

सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल अरेस्ट घोटालों पर जताई चिंता

भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने डिजिटल अरेस्ट से जुड़े मामलों में हो रही वृद्धि पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। एक स्वतः संज्ञान मामले की सुनवाई के दौरान, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ ने इस बात पर हैरानी जताई कि लगातार जन जागरूकता अभियानों और अदालती आदेशों के बावजूद शिक्षित लोग भी मोबाइल फोन पर कथित रूप से 'गिरफ्तार' हो रहे हैं।

मामले की एमीकस क्यूरी (न्याय मित्र) एनएस नप्पिनई ने अदालत को बताया कि डिजिटल अरेस्ट को रोकने के प्रयासों के बावजूद यह समस्या लगातार बनी हुई है। उन्होंने एक हालिया घटना का हवाला दिया जिसमें एक महिला ने कथित तौर पर 2.5 करोड़ रुपये गंवा दिए। पीठ ने इस स्थिति पर निराशा व्यक्त की और सवाल किया कि लोग मोबाइल फोन के माध्यम से गिरफ्तारी के डर का शिकार कैसे हो जाते हैं।

  • बैंकों की जवाबदेही: शीर्ष अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि बैंकों को ग्राहकों के लिए एक 'सुरक्षात्मक छतरी' के रूप में कार्य करना चाहिए।
  • संदिग्ध लेनदेन: पीठ ने सवाल किया कि एक सेवानिवृत्त व्यक्ति के बैंक खाते से असामान्य रूप से बड़ी निकासी होने पर समय पर हस्तक्षेप क्यों नहीं किया जाता।
  • मुआवजे का प्रस्ताव: अदालत ने संकेत दिया कि यदि उचित सावधानी बरतने में विफलता के कारण डिजिटल धोखाधड़ी होती है, तो बैंकों को पीड़ितों को कम से कम खोई हुई राशि का मुआवजा देना होगा और अभियोजन का सामना करना पड़ सकता है।

व्यावहारिक निहितार्थ और सत्यापन

चूंकि शीर्ष अदालत ने वित्तीय संस्थानों की जवाबदेही तय करने के लिए नए दिशा-निर्देशों पर विचार करना शुरू कर दिया है, इसलिए बैंक ग्राहकों को अपनी खाता सुरक्षा पर अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। इस मामले से जुड़े आधिकारिक आदेशों और अदालती कार्यवाही की सत्यता की जांच के लिए नागरिक भारत के सर्वोच्च न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट का संदर्भ ले सकते हैं।

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मूल स्रोत पढ़ें: 'Act as protective umbrella': SC says banks must compensate digital fraud victims

AI की सहायता से तैयार रिपोर्ट; मूल स्रोत के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

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